सगैंग में बीते कुछ समय में भीषण भूकंप के झटके आए हैं। 2012 के आखिर में आए 6.8 तीव्रता के एक भूकंप ने जबरदस्त तबाही मचाई थी और इससे 26 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, शुक्रवार का भूकंप पिछले करीब 75 साल में म्यांमार के मुख्य क्षेत्र पर आने वाला सबसे बड़ा भूकंप हो सकता है।
ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे के ऑनररी रिसर्च फेलो रॉजर मुसोन के मुताबिक, कई बार भूकंप का असर इस बात पर निर्भर करता है कि इसका केंद्र जमीन के कितना नीचे था। यह जमीन के जितना नीचे होता है, उतना ही भूमि के अंदर मौजूद पदार्थ शॉकवेव यानी झटकों के असर को सोख लेते हैं और प्रभाव कम कर देते हैं।
भूकंप के कुछ वीडियो:-
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें देखा जा सकता है कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. एएफपी के मुताबिक इमारत गिरने से मलबे में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो में सड़क पर लगे लैंपपोस्ट हिलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि बैंकॉक मेट्रो स्टेशन पर खड़ीं ट्रेनें झूले की तरह डोल रही हैं|
भारत ने भेजी मदद:-
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “कल म्यांमार में भीषण भूकंप आया, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. म्यांमार में आई त्रासदी के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत संकट की इस घड़ी में म्यांमार के लोगों और म्यांमार सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है. आज प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की. उन्होंने यह भी कहा कि हम म्यांमार सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. हम इस आपदा से निपटने के लिए राहत, बचाव और जो भी सहायता आवश्यक होगी, वह प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगे.”
भूकंप से कितना हुआ नुकसान:-
म्यांमार में शुक्रवार दोपहर को आए शक्तिशाली भूकंप ने जमकर तबाही मचाई है। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप से मरने वालों की संख्या 694 पहुंच गई है। इसके पहले म्यांमार के सैन्य शासन ने 144 मौतों की पुष्टि की थी। यहां के दो सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों मांडले और राजधानी नेपीडॉ से आ रही तस्वीरों और वीडियो में भारी नुकसान दिख रहा है। पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप का भारी असर हुआ है। यहां एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत के ढह जाने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। भूकंप के चलते 1600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार दोपहर आए भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई और इसका केन्द्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट था। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया।
थाईलैंड में बैंकाक शहर के अधिकारियों ने बताया कि बहुमंजिला इमारत सहित तीन निर्माण स्थलों पर 10 लोगों की मौत हुई है, 16 अन्य घायल हुए तथा 101 लोग लापता हैं। बचावकर्मी सोंगवुत वांगपोन ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में कम से कम दो निर्माण मजदूर थे, जो मलबे या मलबे के गिरने से मारे गए। इमारत का निर्माण थाईलैंड के सरकारी महालेखा परीक्षक के लिए चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा था। बैंकाक में अन्य स्थानों पर लोगों को इमारतों से बाहर निकालने को कहा गया और आगाह किया गया कि और अधिक झटके आने की आशंका के मद्देनजर वे घरों से बाहर ही रहें।
अमेरिकन वैज्ञानिक क्या कहते हैं इसके बारे में :-
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया है कि भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में था. इसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था. ऑफ्टरशॉक भी 6.4 तीव्रता के रिकॉर्ड किए गए हैं. शुरुआती रिपोर्टों में 100 लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है. मलबे में 1000 लोगों के दबे होने की बातें कही जा रही हैं. भूकंप के झटके भारत के कई राज्यों और चीन में भी महसूस किए गए हैं. भारत ने भूकंप प्रभावित देशों को मदद की पेशकश की है. टीवी और सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो डराने वाले हैं. अब जानिए उन लाइनों के बारे में जो भूकंप से चलने लगी थीं.