सी बकथोर्न क्या है:-
सी बकथोर्न को चमत्कारिक बेरी, वंडर बेरी ओर सुपर फूड भी कहा जाता है। आठवीं शताब्दी में तिब्बती वैज्ञानिक ने इसकी खोज की थी। इसको संजीवनी बूटी भी कहा जाता है। यह भारत में हिमालयन रेंज लेह लद्दाख में पाई जाती है। कुछ अरुणाचल प्रदेश कुछ सिक्कम में भी है लेकिन ज्यादातर यह लेह लद्दाख में ही पाया जाता है । लद्दाख में जहां पर पौधे लगाना संभव नहीं है वहां की वातावरण बहुत ही ठंडा होता है। वहां पर यह पौधा प्राकृतिक रूप से उगा हुआ है। इस कठिन परिस्थितियों में एक पौधा जो अपने आप को जीवित रख पा रहा है वह सी बकथोर्न हैं। इसकी जड़ जमीन में 200 फीट गहराई तक जा जाती है। और इस प्रक्रिया से वह मिट्टी से बहुत सारे विटामिन शोक लेता है। जिसकी वजह से इसमें 190 बायो सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन C ,विटामिन A ,विटामिन E पाया जाता है। जो एक साथ किसी और पौधे में नहीं पाया जाता है|
सी बकथोर्न और उनके फल में पोटेशियम, कैल्शियम ,मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस पाया जाता है। इसमें फोलेट बायोटीन और विटामिन बी1 बी2 बी6 विटामिन सी और विटामिन ए की भी अच्छी मात्रा होती है इसके तेल में कई ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं इनमें से मुख्य है ओमेगा 6 ,ओमेगा 7, फैटी एसिड ,विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन ए इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट जैसे प्ले फ्लेवोनॉयड्स और पॉलिफिनॉल्स भी होते हैं 2021 की रिसर्च के अनुसार सी बकथोर्न तेल में कई औषधीय गुण भी होते हैं जैसे एंटीबैक्टीरियल ,एंटीफंगल, एंटी इंप्लीमेंट्री है।
सी बकथोर्न में हर प्रकार की बीमारी जैसे पेट की समस्या,जोड़ों में होने वाले दर्द वजन घटाना और कैंसर की बीमारी को ठीक करने की क्षमता है।
कैंसर होने का कारण:-
बॉडी की कांसेप्ट को हमें समझना बहुत ज्यादा जरूरी है। जब हम खाना खाते हैं खाने से ग्लूकोस बनता है| अब वह ग्लूकोस ब्लड के थ्रू हमारे कोशिका में ट्रांसफर होता है |कोशिका में एक जगह होती है माइटोकांड्रिया जिसको पावर हाउस ऑफ कोशिका भी बोलते हैं ।जिसका काम है एनर्जी बनाना यह एक नॉर्मल प्रक्रिया है इसके साथ एक और एलिमेंट बन जाता है जो नहीं बनना चाहिए था उसको बोलते हैं फ्री रेडिकल।
आप सामान्य जब भी सांस लेंगे आपकी बॉडी में जब भी एनर्जी प्रोड्यूस होगी वह फ्री रेडिकल बनेगा । जब तक आपकी बॉडी में थोड़े फ्री रेडिकल रहते हैं तब तक मनुष्य को इस बात का पता नहीं लगता है।जब यह प्रक्रिया बहुत लंबे समय तक चलती है।जब फ्री रेडिकल ज्यादा मात्रा में बनना शुरू हो जाते हैं तो वह शरीर में अनेक गंभीर बीमारियां पैदा करनी शुरू करते है। इसका तात्पर्य है कि हमारे शरीर की गंभीर बीमारियों को जन्म देने वाला फ्री रेडिकल है।
फ्री रेडिकल कब बनता है:-
जब आप अशुद्ध वातावरण में रहते हैं जैसे वॉटर पॉल्यूशन, एयर पॉल्यूशन ,स्ट्रेस, रेडिएशन जब हम शरीर को गलत वातावरण देना शुरू करते हैं तब हमारे शरीर में फ्री रेडिकल लिमिट से ज्यादा बनना शुरू हो जाता है ।जब भी आप अस्वस्थ खाना खाते हैं तब आपको बॉडी में फ्री रेडिकल बनना शुरू हो जाता है ।इसकी वजह से उसके प्रभाव आपको आपके शरीर में दिखाई देने लगते हैं।जैसे वजन बढ़ाना, त्वचा पर इसका प्रभाव, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना इत्यादि।
फ्री रेडिकल को खत्म करने का इलाज है एंटीऑक्सीडेंट:-
फ्री रेडिकल के पास एक इलेक्ट्रॉन गायब होता है तथा एंटीऑक्सीडेंट के पास एक इलेक्ट्रॉन ज्यादा होता है। तो एंटीऑक्सीडेंट अपने इलेक्ट्रोंस फ्री रेडिकल को ट्रांसफर करता है जिससे हमारी बॉडी फिर से ठीक होना शुरू हो जाती है।अगर हमने एंटीऑक्सीडेंट नहीं लिया और फ्री रेडिकल ने न्यूक्लियस को डैमेज करना शुरू कर दिया तो वहां से कैंसर की शुरुआत होती है|
कैंसर में कैसे सहायक है सी बकथोर्न:-
कुछ एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर खुद बनाता है| तथा कुछ एंटीऑक्सीडेंट ऐसे होते हैं जो हमारा शरीर बनता नहीं है जो हमें बाहर डाइट से लेने पड़ते हैं। जैसे विटामिन C हमारी बॉडी नहीं बनती है। विटामिन E और विटामिन A भी हमारी बॉडी नहीं बनती है वह हमें बाहर से खाने के रूप में लेने पड़ते है। यह सारे विटामिन एंटीऑक्सीडेंट है।
विटामिन E एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो हमारी त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है जो स्क्रीन के फ्री रेडिकल को खत्म करता है। इसलिए विटामिन ई स्क्रीन के लिए बहुत ही उपयोगी होता है।
विटामिन C हमारे खून में बनने वाले फ्री रेडिकल को खत्म करता है।
विटामिन A हमारी आंखों में बनने वाले फ्री रेडिकल के लिए एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है जिसको लेने से हमारी आंखें में कभी भी दिखने की समस्या नहीं होती है।
जब यह सारे विटामिन एक साथ एक ही फल में मिलते है तो इसके सेवन करने से कैंसर को ठीक या स्थिर करने में सहायता मिलती है।
सी बकथोर्न को सुपर फ्रूट क्यों कहते हैं:-
अमेरिका के साइंटिस्ट ने यह सिद्ध किया है कि हमारी बॉडी को हम सही एंटीऑक्सीडेंट देते हैं तो हम हृदय में धमनियों में जमा होने वाले को प्लेग को कंट्रोल कर सकते हैं।
आंवला भी एक एंटीऑक्सीडेंट है जिसमें विटामिन C बहुत ज्यादा अखरोट में विटामिन A बहुत ज्यादा है। विटामिन A नट में बहुत ज्यादा होता है। ओमेगा fish oil में बहुत ज्यादा होता है। या हम इन सब के बदले में सी बकथोर्न ले सकते है जिसमें सारे एंटीऑक्सीडेंट एक साथ पाए जाते हैं उसका सेवन भी कर सकते हैं।
कौन-कौन से देश में पाया जाता है सी बकथोर्न:-
चीन ,रूस ,अमेरिका यूरोप, भारत में सी बकथोर्न हैं।भारत में 11000 हेक्टेयर सी बकथोर्न है जो की प्राकृतिक उगा हुआ है।
कौन-कौन सी बीमारियों में सहायक है सी बकथोर्न:-
कैंसर ,डायबिटीज,वजन बढ़ाना, त्वचा संबंधी बीमारी, हृदय संबंधित समस्याएं, घाव को ठीक करने, बालों के लिए सहायक|
1-घाव ठीक करने में मददगार:- एनिमल बेस्ट शोध से पता चला कि जब सी बकथोर्न को घाव के ऊपर लगाया जाता है तो यह घाव भरने में मदद करता है फूड एंड केमिकल टॉक्सिकोलॉजी में 2009 के शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि सी बकथोर्न के बीज के तेल को जब घाव पर लगाया जाता है तो घाव को तेजी से भरने में मदद मिलती है।
2-त्वचा और बालों के लिए लाभदायक:-पिछले कुछ सालों में त्वचा और बालों की देखभाल में यह काफी लोकप्रिय हो रहा है।सी बकथोर्न oil पौधे के बीज और फल से मिलकर बनता है। कई शोध के मुताबिक ये बालों और त्वचा को मॉइश्चराइज करने के लिए उपयोगी होता है ।इसका तेल गाड़ा सुनहरा नारंगी और पतला होता है जब इसे सिर या त्वचा पर लगाया जाता है तो यह त्वचा को मॉइश्चराइज करने जलन को कम करने मुंहासे का इलाज करने आदि समस्याओं को ठीक करता है। कई कॉस्मेटिक कंपनी अपने उत्पादों में इसका इस्तेमाल करते हैं फिलहाल सी बकथोर्न फल और इसके अन्य उत्पादों के प्रभाव को जानने के लिए और अधिक रिसर्च जारीहै।
न्यूट्रीशन वैल्यू ऑफ़ सी बकथोर्न:-
सी बकथोर्न में 3900 MG तक विटामिन सी उपस्थित है एक सी बकथोर्न बेरी को अगर 100संतरों के बराबर रखा जाए तो उन में विटामिन C बराबर होगा।
अखरोट को विटामिन ए का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है लेकिन सी बकथोर्न की एक बेरी में अखरोट से तीन गुना ज्यादा विटामिन A होता है।
इसमें ओमेगा 3,6,7 दुनिया के किसी भी पौधे से ज्यादा इसमें पाया जाता है।
सी बकथोर्न में ओमेगा 7 पाया जाता है जो वजन को घटाने में बहुत ही सहायक है|
किसे नहीं लेना चाहिए सी बकथोर्न:-
डाइट में सी बकथोर्न फल को शामिल करना बेहतरीन विकल्प हो सकता है। लेकिन लो ब्लड प्रेशर ,ब्लीडिंग डिसऑर्डर या सर्जरी करवाने वाले मरीजों को सी बकथोर्न का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है जिसकी सर्जरी हो चुकी है कम से कम उसको 90 दिन तक इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।
कैसे खरीद सकते हैं:-
आप इसे ऑनलाइन किसी भी वेबसाइट से खरीद सकते हैं|
Sir I love your all kind of knowledge blog
Keep it up
You are doing amazing work
Thanks mr maq for your support